इलेक्रामा 2025 ने भारत के विद्युत उपकरण उद्योग को वैश्विक निर्यातक बनाने की ओर बढ़ाया बड़ा कदम!

- एनर्जी ट्रांजिशन, एआई-आधारित बिजली प्रबंधन और स्मार्ट ग्रिड पर चर्चा करने के लिए सीईओ राउंडटेबल में 120 से ज्यादा इंडस्ट्री लीडर शामिल हुए
- भारत के विद्युत सचिव श्री पंकज अग्रवाल ने क्लीन एनर्जी, ग्रिड आधुनिकीकरण और घरेलू विनिर्माण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया
- एनटीपीसी के सीएमडी श्री गुरदीप सिंह ने 2030 तक भारत की 500 गीगावाट नॉन फोसिल ईंधन क्षमता को आगे बढ़ाने में एनटीपीसी के नेतृत्व की पुष्टि की
- वूमन इन पावर सत्र में लिंग-समावेशी नीतियों, वित्तीय सशक्तीकरण और एसटीईएम एवं ग्रीन इंडस्ट्रीज में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के बारे में बताया गया
- वर्ल्ड यूटिलिटी समिट (डब्ल्यूयूएस) की लॉन्चिंग के साथ, एनर्जी ट्रांजिशन, एआई-आधारित पावर सॉल्युशंस और भविष्य के लिए तैयार यूटिलिटीज में वैश्विक साझेदारी पर केंद्रित मंच तैयार हुआ
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश) [भारत], 23 फरवरी, 2025: इलेक्रामा (ELECRAMA) 2025 ELECRAMA 2025 भारत के ऊर्जा और विद्युत क्षेत्र के भविष्य को दिशा देने वाला प्रमुख मंच बना हुआ है। यहां उद्योग जगत, नीति निर्धारकों और विशेषज्ञों के बीच रणनीतिक चर्चाएं हो रही हैं, जिससे नई नीतियों और नवाचारों का मार्ग प्रशस्त हो रहा है। इस मंच पर उद्योग सहयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे भारत वैश्विक ऊर्जा परिदृश्य में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कर सके।
ELECRAMA 2025 के पहले दिन आयोजित सीईओ राउंडटेबल ने ऊर्जा क्षेत्र के भविष्य पर एक महत्वपूर्ण संवाद की नींव रखी। इस सत्र में 120 से अधिक उद्योग जगत के दिग्गजों, नीति निर्धारकों और वैश्विक विशेषज्ञों ने भाग लिया और ऊर्जा रूपांतरण, स्मार्ट ग्रिड, स्वच्छ गतिशीलता (क्लीन मोबिलिटी) और एआई–संचालित विद्युत प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की।
इन चर्चाओं ने इस बात को रेखांकित किया कि भारत अपनी ऊर्जा अवसंरचना (पावर इंफ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और नेट-ज़ीरो लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए उद्योग और सरकार के बीच रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ा रहा है।
इसी गति को बनाए रखते हुए, ELECRAMA 2025 के दूसरे दिन मंच पर श्री पंकज अग्रवाल, सचिव, विद्युत मंत्रालय, और गुरदीप सिंह, सीएमडी, एनटीपीसी की उपस्थिति रही। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सरकार भारत की ऊर्जा क्रांति को तेज़ी से आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री पंकज अग्रवाल, सचिव, विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार, ने ELECRAMA 2025 में उच्चस्तरीय चर्चाओं में भाग लिया। उन्होंने सीईओ राउंडटेबल में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जहां उन्होंने तकनीक-संचालित, सशक्त और सतत ऊर्जा क्षेत्र के लिए सरकार की दूरदृष्टि पर अपने महत्वपूर्ण विचार साझा किए। भारत के बदलते ऊर्जा परिदृश्य पर बात करते हुए, श्री पंकज अग्रवाल ने कहा, “भारत वैश्विक स्तर पर विद्युत उपकरणों का एक प्रमुख निर्यातक बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हमारे घरेलू विनिर्माण क्षमता में वैश्विक कंपनियों की गहरी रुचि दिख रही है। सरकार इस उद्योग को हरसंभव समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है—चाहे वह नीतिगत ढांचा हो, प्रमुख कच्चे माल तक पहुंच हो या परीक्षण अवसंरचना। ELECRAMA 2025 जैसे मंच उद्योग जगत के नेताओं को राष्ट्रीय लक्ष्यों के साथ कदम मिलाने और ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने का आदर्श अवसर प्रदान करते हैं।“
घरेलू विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा निर्यात को बढ़ावा देने की सरकार की पहल को और मजबूत करते हुए, एनटीपीसी के सीएमडी, श्री गुरदीप सिंह ने ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, नवीकरणीय क्षमता के विस्तार और एआई–संचालित विद्युत प्रबंधन समाधानों के एकीकरण पर एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, “ELECRAMA 2025 भारत के तेजी से विकसित हो रहे विद्युत क्षेत्र का सशक्त प्रमाण है। यहां प्रदर्शित अत्याधुनिक उत्पाद और मशीनरी ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता को दर्शाते हैं। मजबूत विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और वैश्विक भागीदारी के बढ़ते स्तर के साथ, भारत न केवल अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार है, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले विद्युत उपकरणों का एक प्रमुख निर्यातक बनने की दिशा में भी अग्रसर है। एनटीपीसी थर्मल दक्षता को अनुकूलित करके, रिन्युएबल एनर्जी क्षमता को बढ़ाकर और अत्याधुनिक तकनीक का लाभ उठाकर इस बदलाव को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।“
ELECRAMA 2025 के दूसरे दिन ‘वीमेन इन पावर’ सत्र ने ऊर्जा क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व को उजागर किया। इस सत्र में नीति निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और प्रभावशाली बदलाव लाने वाले नेताओं ने हिस्सा लिया, जहां उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में महिला पेशेवरों के योगदान, अवसरों और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की।
इस सत्र में इंटेंट की संस्थापक सीईओ महुआ आचार्य, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में उप सचिव रुचिका द्राल, लेग्रैंड में एवीपी और प्रमुख (अंतर्राष्ट्रीय विपणन) पूनम पांडे, सदर्न पावर डिस्ट्रीब्यूशन ऑफ तेलंगाना लि. में आईएलएम/एमआरटी/मेडचल बब्बूरी शिरीषा और वूमन इन पावर की चेयरपर्सन आर्या सत्यनारायण जैसी उल्लेखनीय वक्ता शामिल हुईं। यह सत्र महिलाओं के लिए ऊर्जा क्षेत्र में नए रास्ते खोलने और उनके नेतृत्व को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
कॉन्क्लेव के प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय में उप सचिव रुचिका द्राल ने कहा, ” जेंडर रिस्पॉन्सिव नीतियां और लक्षित कौशल विकास पहल न केवल महिलाओं को सशक्त बना रही हैं, बल्कि समग्र आर्थिक विकास को भी बढ़ावा दे रही हैं। वित्तीय समावेशन से लेकर स्टेम (एसटीईएम) भागीदारी और हरित उद्यमिता तक, इन प्रयासों से स्थायी आजीविका के अवसर पैदा हो रहे हैं और उद्योगों को नया आकार मिल रहा है। आईईईएमए के इलेक्रामा जैसे प्लेटफॉर्म इनोवेशंस को प्रदर्शित करने, उद्योग के बीच सहयोग को बढ़ावा देने और महिलाओं को एनर्जी और इलेक्ट्रिकल सेक्टर्स में उत्कृष्टता प्राप्त करने के अवसर प्रदान करने में अहम भूमिका निभाते हैं। महिलाओं की क्षमताओं में निवेश जारी रखने के साथ, हम सभी के लिए ज्यादा लचीले और न्यायसंगत भविष्य का मार्ग प्रशस्त करते हैं।”
वैश्विक संदर्भों को जोड़ते हुए, सीमेंस की बिजनेस सेगमेंट हेड– इलेक्ट्रिफिकेशन एवं ऑटोमेशन विभा गुप्ता द्वारा संचालित कार्यक्रम में फिलीपीन ओवरसीज एंड डोमेस्टिक कंस्ट्रक्शन बोर्ड (पीओसीबी) की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुश्री डोरिस यू. गाचो, श्नाइडर इलेक्ट्रिक की ग्लोबल चीफ सस्टेनेबिलिटी ऑफिसर सुश्री क्रिस लिओंग, जीई वर्नोवा के इलेक्ट्रिफिकेशन सिस्टम्स की सीएसओ/सीटीओ सुश्री वेरा सिल्वा और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एवीपी सुश्री रुचि कुकरेजा जैसी लीडर्स ने अपने विचार रखे।
पावर सेक्टर की प्रगति पर वैश्विक संवाद को और आकार देते हुए, इलेक्रामा 2025 में वर्ल्ड यूटिलिटी समिट (डब्ल्यूयूएस) का औपचारिक उद्घाटन हुआ, जो एक खासा प्रभावित करने वाला फोरम है और इसे एनर्जी ट्रांजिशन, डीकार्बोनाइजेशन रणनीतियों, एआई आधारित बिजली प्रबंधन और यूटिलिटीज के भविष्य पर रणनीतिक संवादों को आगे बढ़ाने के लिए डिजाइन किया गया है। ग्लोबल लीडर्स, नीति निर्माताओं और टेक्नोलॉजी की खोज करने वालों को एक साथ लाते हुए, इस समिट ने एक स्थायी, डिजिटल और भविष्य के लिए तैयार पावर इकोसिस्टम के निर्माण में प्रमुख चुनौतियों और अवसरों पर केंद्रित एक मंच प्रदान किया है। डब्ल्यूयूएस में प्रतिष्ठित व्यक्तियों और एक्सपर्ट्स की उपस्थिति से कदम उठाने योग्य जानकारियों और अभूतपूर्व सहयोग के लिए मंच मिला है जिससे पावर यूटिलिटीज के भविष्य को नई परिभाषा मिलेगी।
डब्ल्यूयूएस सत्र में भाग लेने वाले प्रमुख लोगों में डब्ल्यूयूएस के चेयरमैन एस. आर. नरसिम्हन, इलेक्रामा के चेयरमैन विक्रम गंडोत्रा और आईईईएमए के प्रेसिडेंट सुनील सिंघवी शामिल थे। इसके अलावा, सीईए के चेयरपर्सन घनश्याम प्रसाद, पीजी एंड ई, आईईई-पीईएस के सीनियर डायरेक्टर राज बीसला, ईडीएफ के चेयरमैन और सीईओ ल्यूक रेमोंट, श्नाइडर इलेक्ट्रिक के ईवीपी मनीष पंत, जीई वर्नोवा के सीटीओ वेरा सिल्वा, यूपीपीसीएल के चेयरमैन आशीष कुमार गोयल (आईएएस) और सीमेंस एनर्जी इंडिया के सीईओ और सीमेंस गमेसा इंडिया के चेयरमैन गिलहर्मे मेंडोंका सहित कई गणमान्य लोगों ने इस सत्र की शोभा बढ़ाई। समिट में एक विस्तृत व्हाइटपेपर भी लॉन्च किया गया, जिसमें बिजनेस मॉडल पर पुनर्विचार करने, नीतिगत ढांचों की पुनर्कल्पना करने और सस्टेनेबल प्रगति को आगे बढ़ाने के लिए उपभोक्ताओं के साथ जुड़ाव बढ़ाने की जरूरत पर विस्तार से चर्चा की गई।
नीति निर्माताओं, टेक्नोलॉजी लीडर्स और दिग्गज उद्योगपतियों की उच्च स्तरीय भागीदारी के साथ, इलेक्रामा 2025 के दूसरे दिन डिजिटलीकरण, क्लीन एनर्जी अपनाने और भविष्य के लिए तैयार पावर सेक्टर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम में हुई चर्चाओं और भागीदारियों से पता चलता है कि आने वाले वर्षों में भारत के एनर्जी ट्रांजिशन की दिशा को परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं।
आईईईएमए के बारे में
आईईईएमए भारत में इलेक्ट्रिकल और इंडस्ट्रियल इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संबद्ध उपकरणों के विनिर्माताओं का सबसे बड़ा संगठन है। 1948 में स्थापित, आईईईएमए पहला आईएसओ-प्रमाणित उद्योग संगठन है, जिसमे नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों सहित विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण से जुड़े उपकरणों की पूरी वैल्यू चेन शामिल है।
इलेक्रामा के बारे में
इलेक्रामा इंडियन इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (आईईईएमए) का प्रमुख शोकेस है, जिसमें सोर्स से सॉकेट तक और बीच में उपयोग होने वाले हर उपकरण से जुड़े सॉल्युशंस को एक जगह पर लाया जाता है, जिनसे इस धरती को ऊर्जा मिलती है। इलेक्रामा भविष्य के एनर्जी ट्रांजिशन के लिए प्रौद्योगिकी, नए ट्रेंड्स और इनोवेशन के संबंध में दुनिया को भारतीय उद्योग से जोड़ने का एक मंच है।
इलेक्रामा 2025 और आगामी रोड शो के बारे में ज्यादा जानकारी के लिए, कृपया
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