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बाल मिठाई: अल्मोड़ा की मिठास की ऐतिहासिक यात्रा

National News: आगरा का पेठा, बंगाल का रसगुल्ला, मथुरा का पेड़ा या बनारस की रबड़ी, कुछ ऐसी ही पहचान है – अल्मोड़ा की बाल मिठाई की।
बाल मिठाई को जनमानस तक पहुंचाने का श्रेय अल्मोड़ा शहर को ही जाता है, सर्वप्रथम 19वीं शताब्दी मेंद्वारा इसे बनाया गया, इन्होंने आसपास के क्षेत्रों से खोया (मावा) एकत्र करके एक नई प्रकार की मिठाई बनाई जिसे आज बाल मिठाई के नाम से जाना जाता हैं।
सन 1895 से लाला शाह जी की एक मिठाई की दुकान लाला बाजार में हुआ करती थी, जो आज भी अस्तित्व में है।





