लाइफस्टाइल

सुरेश वाडकर: प्रेम रोग की आवाज़ और संगीत की यात्रा का जश्न

राज कपूर उन दिनों एक नए गायक की तलाश में थे। वो अपनी फिल्म प्रेम रोग के लिए कोई नई आवाज़ चाहते थे। म्यूज़िक डायरेक्टर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने उन्हें सुरेश वाडकर के बारे में बताया। लक्ष्मीकांत जी ने राज कपूर से कहा कि आप इस लड़के की आवाज़ एक दफा सुन लीजिए। अगर आपको अच्छी लगी तो हम इसे बुलाएंगे रिकॉर्डिंग के लिए। फिर उन्होंने प्यासा सावन फिल्म का एक गीत राज कपूर को सुनाया। वो गीत था मेघा रे मेघा रे। सुरेश वाडकर ने ये गीत लता जी के साथ गाया था। राज कपूर को सुरेश वाडकर की गायकी पसंद आ गई। उन्होंने सुरेश वाडकर जी को मिलने का बुलावा भेजा।

अगले दिन सुरेश वाडकर लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल के सिटिंग रूम में पहुंचे। राज कपूर वहां पहले से मौजूद थे। सुरेश वाडकर उस दिन पहली दफा राज कपूर से मिले थे। राज कपूर ने उनसे बहुत अच्छे से बात की। और आखिरकार उस दिन सुरेश वाडकर जी को प्रेम रोग फिल्म के गीत गाने के लिए साइन कर लिया गया। ये सुरेश जी के करियर का एक बड़ा टर्निंग पॉइन्ट साबित हुआ। वैसे तो इनके कुछ गीत इस समय तक भी काफी मशहूर हो गए थे। लेकिन देशव्यापी पहचान इन्हें प्रेम रोग के गीत गाकर ही मिली थी। मैं हूं प्रेम रोगी गीत उस समय बिनाका गीत माला में पहली पॉजिशन पर रहा था।

आज सुरेश वाडकर जी का जन्मदिन है। 7 अगस्त 1955 को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में सुरेश वाडकर जी का जन्म हुआ था। सुरेश जी बहुत छोटे ही थे जब इनके पिता अपने परिवार को लेकर गिरगांव शिफ्ट हो गए थे। इनके पिता एक कपड़ा मिल में नौकरी करते थे। जबकी इनकी मां मिल के वर्कर्स के लिए खाना बनाने का काम करती थी। अपनी युवावस्था में सुरेश वाडेकर साहब पहलवानी किया करते थे। और संगीत तो इन्होंने छोटी उम्र से ही सीखना शुरू कर दिया था। सुरेश जी को कई गुरुओं से संगीत सीखने का मौका मिला था। सुरेश वाडकर जी को किस्सा टीवी की तरफ से जन्मदिन की शुभकामनाएं।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button