पीएम मोदी ने जिला न्यायपालिका सम्मेलन में कहा: अदालतों के तेजी से फैसलों से बढ़ेगी महिला सुरक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अगस्त को जिला न्यायपालिका के राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन भाषण में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर जोर देते हुए कहा कि अदालतों में तेजी से फैसले लिए जाने से सुरक्षा बढ़ेगी। उन्होंने इस संदर्भ में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को समाज की गंभीर चिंताओं में शामिल किया और कहा कि इस दिशा में किए गए प्रयासों को और अधिक सक्रिय बनाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “आज के समय में महिलाओं के खिलाफ अत्याचार और बच्चों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है। हमारे देश में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई सख्त कानून बनाए गए हैं, लेकिन अब हमें इन कानूनों को और प्रभावी और सक्रिय बनाना होगा।” उन्होंने विशेष रूप से न्यायालयों को संबोधित करते हुए कहा कि महिलाओं के खिलाफ अत्याचार से संबंधित मामलों में तेज़ी से निर्णय लेने से समाज में आधी आबादी को सुरक्षा का विश्वास मिलेगा।
मोदी ने न्यायपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा, “जितनी तेजी से अदालतें फैसले लेंगी, उतनी ही तेजी से महिलाओं और बच्चों को न्याय मिलेगा। इससे समाज में एक सकारात्मक बदलाव आएगा और पीड़ितों को यह विश्वास होगा कि उनके मामले की गंभीरता को समझा जा रहा है।” उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया की गति को बढ़ाने की आवश्यकता पर बल देते हुए यह भी कहा कि अदालतों की तत्परता समाज में सुरक्षा और न्याय की भावना को मजबूत करेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर न्यायपालिका से अपेक्षाएं जताईं कि वे महिलाओं और बच्चों के मामलों में त्वरित और प्रभावी न्याय सुनिश्चित करें, ताकि समाज में समग्र सुरक्षा और कानून का शासन कायम रह सके। उनके इस भाषण ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करते हुए न्यायपालिका को सशक्त और सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।





