डॉ. एस. जयशंकर का महाकाव्य जवाब: वंदे भारत के साथ किया जा सकता था..

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 31 अगस्त को एक बेहद प्रभावशाली जवाब देकर सबका ध्यान आकर्षित किया जब उनसे पीएम मोदी की यूक्रेन यात्रा के दौरान कीव में ट्रेन की सवारी के बारे में सवाल किया गया। कीव की यात्रा के दौरान पीएम मोदी ने युद्ध से प्रभावित क्षेत्र में ट्रेन से यात्रा की थी, जिसका जिक्र करते हुए डॉ. जयशंकर ने कहा, “वंदे भारत के साथ किया जा सकता था।”
उन्होंने विस्तार से बताया कि भारत की ‘वंदे भारत’ ट्रेनें अत्याधुनिक हैं और उनके साथ यात्रा करना एक शानदार अनुभव हो सकता था। यह बयान भारत की प्रौद्योगिकी और विकास के प्रति आत्मविश्वास को दर्शाता है। डॉ. जयशंकर ने इस टिप्पणी के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया कि भारत की तकनीकी उपलब्धियां और उनकी ट्रेन की आधुनिकता कितनी महत्वपूर्ण हैं।
उनके इस बयान ने कीव में भारतीय पद्धति की मौजूदा स्थिति की तुलना करते हुए एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। डॉ. जयशंकर के जवाब ने न केवल सभा में उपस्थित लोगों को प्रभावित किया बल्कि पूरे देश में तालियों की गड़गड़ाहट भी बटोरी। यह जवाब भारत की वर्तमान प्रगति और आत्म-निर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेतक के रूप में देखा जा रहा है।





