विदेश मंत्री जयशंकर ने ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम में चीन को भारत की अनोखी समस्या बताया

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 31 अगस्त को ईटी वर्ल्ड लीडर्स फोरम में चीन को भारत की ‘अनोखी समस्या’ के रूप में वर्णित किया। उन्होंने कहा कि चीन की राजनीति और अर्थव्यवस्था का स्वरूप इतना विशिष्ट है कि इसे एक अलग प्रकार की चुनौती के रूप में देखा जाना चाहिए।
डॉ. जयशंकर ने स्पष्ट किया, “चीन सिर्फ़ भारत की समस्या नहीं है; यह वैश्विक समस्या है। अगर लोग आज चीन के साथ व्यापार घाटे की शिकायत कर रहे हैं, तो इसका कारण यह है कि दशकों पहले हमने जानबूझकर चीनी उत्पादन की प्रकृति और उसके फायदे को नजरअंदाज किया। चीन को एक ऐसी व्यवस्था मिली, जिसमें उसे सभी लाभ मिले और समान अवसर प्राप्त हुए।”
उन्होंने यह भी बताया कि चीन की समस्या केवल भारत तक सीमित नहीं है। “यूरोप में जाकर पूछिए कि आपकी प्रमुख आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा बहसों में क्या है? यह चीन के बारे में है। संयुक्त राज्य अमेरिका भी चीन से प्रभावित है और कई मायनों में, यह स्थिति उचित भी है।” डॉ. जयशंकर ने इस प्रकार चीन को एक वैश्विक चुनौती के रूप में प्रस्तुत किया और बताया कि दुनिया भर के देश इसे लेकर चिंतित हैं।





