विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अफगानिस्तान में अमेरिका की उपस्थिति के साथ और बिना स्थिति के स्पष्ट अंतरों को उजागर किया

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने 30 अगस्त को अफगानिस्तान मुद्दे पर महत्वपूर्ण बयान दिया, जिसमें उन्होंने अमेरिका की मौजूदगी के साथ और बिना अफगानिस्तान के हालात में स्पष्ट अंतरों को उजागर किया। जयशंकर ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि हम समझें कि अफगानिस्तान में अमेरिका की मौजूदगी और उसके बिना की स्थिति में बड़ा अंतर है।
उनके अनुसार, अमेरिका की उपस्थिति ने अफगानिस्तान के राजनीतिक और सुरक्षा परिदृश्य को प्रभावित किया, जिससे वहां की स्थिति में महत्वपूर्ण बदलाव आए। अमेरिका की सैन्य और राजनीतिक भागीदारी ने अफगानिस्तान में सुरक्षा और स्थिरता की दिशा में कई प्रयास किए, लेकिन अब जब अमेरिका की मौजूदगी नहीं है, तो स्थिति में बदलाव आना स्वाभाविक है।
जयशंकर ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत के लिए अफगानिस्तान के मुद्दे पर अमेरिका की भूमिका और उसकी अनुपस्थिति दोनों की स्थिति अलग-अलग हैं। अमेरिका की मौजूदगी ने न केवल अफगानिस्तान की सुरक्षा की स्थिति को प्रभावित किया, बल्कि क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति पर भी इसका असर पड़ा। इसके विपरीत, अमेरिका की अनुपस्थिति के बाद अफगानिस्तान की स्थिति में एक नया गतिशीलता देखने को मिल रहा है, जो भारत के लिए एक नई चुनौती प्रस्तुत करता है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत को अफगानिस्तान के हालात और अमेरिका की भूमिका को ध्यान में रखते हुए अपनी रणनीतियों और नीतियों को समायोजित करने की आवश्यकता है। इस प्रकार, अफगानिस्तान में अमेरिका की भूमिका और उसके बिना की स्थिति के अंतर को समझना भारत की विदेश नीति के लिए महत्वपूर्ण है।





