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बढ़ती उम्र के साथ अपनी शारीरिक गतिविधि को जारी रखें, नियमित व्यायाम करें’: आर्थोपेडिक सर्जन डॉ.हरी मेनन

बदलती जीवन शैली से हड्डियां कमजोर होने का बढ़ा खतरा, रोजाना धूप लेने और सैर करने से फायदा

ध्यान दें: ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज गिरने से बचे और गीले फर्श पर न चले

विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस-2023 की थीम “हड्डियों को बेहतर बनाएँ”

‘कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस होने का मुख्य कारण स्टेरॉयड का अधिक सेवन है’

सूरत:गुरुवार: हर साल 20 अक्टूबर को दुनिया भर में विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस मनाया जाता है। जिसका उद्देश्य ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी की रोकथाम, निदान और उपचार के बारे में लोगो लोगो को जागरुक करना है।। डॉक्टर्स का कहना है कि उम्र के साथ हड्डियों का कमजोर होना आम बात है, लेकिन आधुनिक जीवनशैली में आये बदलाव के बाद कम उम्र में ही हड्डियाँ कमजोर हो रही है। इसका कारण है बोन मास में कमी आना। जिसकी वजह से व्यक्ति ऑस्टियोपोरोसिस का शिकार हो जाता है।
इस वर्ष 2023, विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस की थीम “हड्डियों को बेहतर बनाएँ”(BUILD BETTER BONES) है, जिसका उद्देश्य दुनिया भर के लोगों को नियमित रूप से हड्डियों के घनत्व और स्वास्थ्य की स्थिति की जांच करने के लिए प्रोत्साहित करना है (विशेषकर 50 से ऊपर के लोगों को) और हड्डियों के स्वास्थ्य को मजबूत करने के लिए स्वस्थ जीवन शैली अपनाना है।
सूरत सिविल अस्पताल के आर्थोपेडिक सर्जन विभाग के एच.ओ.डी तथा प्रोफेसर डॉ.हरी मेनन ऑस्टियोपोरोसिस के बारे में बताते है कि ऑस्टियोपोरोसिस यानि हड्डियों का कमजोर होना. इसमें हड्डियाँ इतनी कमजोर हो जाती कि वह बार- बार टूटने (फ्रेक्चर ) होने लगती है। सबसे गंभीर फ्रैक्चर्स में से एक हिप(कूल्हे ) फ्रैक्चर, विकलांगता का और अधिक उम्र वाले लोगों में आत्मनिर्भरता खत्म होने का मुख्य कारण है। कलाई का फ्रैक्चर विशेष कर उन्हें होता है जिन्हें रजोनिवृत्ति के बाद ऑस्टियोपोरोसिस होता है और बहुत से केस में फ्रैक्चर के कारण ऑपरेशन की आवश्यकता हो जाती है। ऑस्टियोपोरोसिस का सीधे तौर पर मानसिक स्वास्थ्य पर कोई प्रभाव नहीं होता लेकिन बार बार हड्डियों के टूटने से परावलंबिता बढ़ने से मानसिक स्वास्थ्य पर असर देखा गया है।
यह बीमारी ज्यादातर महिलाओं में पाई जाती हैं। महिलाओं में खासकर 50 साल की उम्र के बाद इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि रजोनिवृत्ति(मेनोपॉज) के दौरान होने वाले हार्मोन परिवर्तन सीधे हड्डियों के घनत्व को प्रभावित करते हैं। महिला हार्मोन एस्ट्रोजन स्वस्थ हड्डियों के लिए आवश्यक है। रजोनिवृत्ति के बाद, एस्ट्रोजन का स्तर गिर जाता है। इससे हड्डियों के घनत्व में तेजी से कमी आ सकती है। इसी वजह से आज हर तीन में से एक महिला इस बिमारी से पीड़ित हैं। पुरुषों में 70 वर्ष की उम्र के बाद इसका खतरा बढ़ जाता हैं, और अधिकतर हर पाँच में से एक पुरषों में ऑस्टियोपोरोसिस का लक्षण पाया जाता हैं।
आगे डॉ.हरी मेनन कहते है की नई सिविल अस्पताल में रोजाना तीन से चार ऑस्टियोपोरोसिस के मरीज दाखिल होते है। जिनकी उम्र 60-70 या अधिक होती है।
उनका कहना है कि, कम उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस होने का मुख्य कारण होता है स्टेरॉयड का अधिक सेवन करना। जिससे शरीर की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं। कैंसर में कीमोथेरपी के कारण और मिर्गी के रोग में जिन दवाओं का सेवन किया जाता है उन दवाओं के कारण से भी ऑस्टियोपोरोसिस होने का खतरा बढ़ा जाता हैं।
हड्डियों की मजबूती और दर्द की वजह का पता लगाने के लिए डॉ.हरी मेनन आगे बताते हैं कि आप बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) टेस्ट करवा सकते हैं। इस टेस्ट के जरिये ड्यूअल एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्पटियोमेट्री (डेक्सा) मशीन की मदद से हड्डियों के घनत्व यानी डेंसिटी को परखा जाता है। साथ ही हड्डियों की कमजोरी की वजह का भी पता लगाया जाता है। इस टेस्ट के जरिये हड्डियों में मौजूद कैल्शियम और अन्य मिनरल्स की जानकारी मिलती है।
ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए ?
• गिरने से बचे
• गीले फर्श पर न चले
• बाथरूम में सपोर्ट हेंगर लगाएं

ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए :-
• नियमित व्यायाम करें
• अपने आहार में कैल्शियम
• विटामिन डी
• हरी सब्जियों
• मिलेट्स
• सूखा मेवा और
• खट्टे फलों का विटामिन-C) अधिक सेवन करें
• धूम्रपान तथा शराब का सेवन न करें

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विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (डब्ल्यूओडी) का इतिहास
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विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस की पहली घटना 20 अक्टूबर 1996 को देखी गई थी, जिस के बाद यूनाइटेड किंगडम की नेशनल ऑस्टियोपोरोसिस सोसाइटी ने यूरोपीय आयोग के सहयोग से जन जागृत्ति कार्यक्रम का आयोजन किया था। बाद में, 1997 में इंटरनेशनल ऑस्टियोपोरोसिस फाउंडेशन (IOF) ने विश्व ऑस्टियोपोरोसिस दिवस (WOD) का आयोजन किया। इसकी स्थापना के बाद से, विभिन्न संगठनों ने इस दिन का समर्थन किया है, 1998 और 1999 में, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ऑस्टियोपोरोसिस और चयापचय हड्डी रोग के बारे में जागरूकता को बढ़ावा देने के इरादे से इस दिन को सह-प्रायोजित किया था।

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