नमामि गंगे मिशन ने यूपी और बिहार में 4 प्रमुख परियोजनाएं चालू कीं

नमामि गंगे मिशन” गंगा नदी की स्वच्छता और अविरलता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में उत्तर प्रदेश और बिहार में चार प्रमुख परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है और ये अब चालू हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं का उद्देश्य गंगा और रामगंगा नदियों के किनारे प्रदूषण को कम करना है।
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में, मई 2020 में ₹129.08 करोड़ की लागत से स्वीकृत परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं। इसमें नालों को रोकना और मोड़ना, नए नेटवर्क का निर्माण, और बिसुंदरपुर तथा पक्का पोखरा में 8.5 एमएलडी क्षमता वाले दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण शामिल है। पक्का पोखरा में मौजूदा 14 एमएलडी एसटीपी को अपग्रेड किया गया है और शहर के बुनियादी ढांचे में एक नया मुख्य पंपिंग स्टेशन जोड़ा गया है।
गाजीपुर में, 2020 में स्वीकृत ₹152.83 करोड़ की परियोजना में 21 एमएलडी एसटीपी और एक मुख्य पंपिंग स्टेशन शामिल है, जिसका संचालन मई 2024 में शुरू होगा। इस परियोजना में अनुक्रमिक बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक का उपयोग किया गया है, जो सभी राष्ट्रीय हरित अधिकरण मानकों का पालन करता है और इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत पूरा किया गया है।
बरेली में, ₹271.3 करोड़ की लागत वाली परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिसमें 15 नालों को रोकना और मोड़ना, 1.3 किलोमीटर नेटवर्क का विकास, और 63 एमएलडी की कुल क्षमता वाले तीन एसटीपी का निर्माण शामिल है।
बिहार के मुंगेर में, मार्च 2018 में ₹523 करोड़ की लागत से स्वीकृत “सीवर नेटवर्क, एसटीपी और एसपीएस” परियोजना भी तय समय से पहले पूरी हो गई है, जिसमें 174.75 किलोमीटर सीवर नेटवर्क, 30 एमएलडी एसटीपी और एक मुख्य पंपिंग स्टेशन शामिल है।





