डोनाल्ड ट्रंप ने अवैध अप्रवासियों को निर्वासित करने के लिए 225 साल पुराने एलियन और सेडिशन एक्ट का किया उपयोग!
अहमदाबाद, 14 दिसंबर: अमेरिका में 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की ऐतिहासिक जीत के बाद, उनके प्रशासन ने अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का संकेत दिया है। ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान वादा किया था कि वह अवैध अप्रवासियों को अमेरिका से बाहर निकालने के लिए तत्पर रहेंगे, और अब वे इस वादे को पूरा करने के लिए 225 साल पुराना कानून, एलियन और सेडिशन एक्ट, का उपयोग कर सकते हैं।
क्या है एलियन और सेडिशन एक्ट?
एलियन और सेडिशन एक्ट 1798 में पारित हुआ था और यह अमेरिकी इतिहास का एक महत्वपूर्ण कानून है। इसके तहत, अमेरिकी राष्ट्रपति को विदेशियों को निर्वासित करने की शक्ति दी गई थी, यदि उन्हें लगता था कि वे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं। यह कानून राष्ट्रपति को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया या सबूत के बिना किसी भी विदेशी नागरिक को देश से बाहर भेजने का अधिकार देता है। यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को आव्रजन अदालतों को बायपास करने की भी अनुमति देता है, जिससे उन्हें तत्काल कार्रवाई करने की सुविधा मिलती है।
इस कानून के तीन प्रमुख हिस्से हैं:
प्राकृतिककरण अधिनियम: इसके तहत नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया को कड़ा किया गया था।
विदेशी मित्र अधिनियम: राष्ट्रपति को किसी विदेशी नागरिक को निर्वासित करने का अधिकार देता है, अगर वह व्यक्ति राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मान जाता है।
विदेशी शत्रु अधिनियम: यह अधिनियम उस समय लागू होता है जब अमेरिका किसी विदेशी देश के साथ युद्ध में होता है।
राजद्रोह अधिनियम: इसके तहत सरकार के खिलाफ अपमानजनक बयान देना या प्रकाशित करना अपराध था।
ट्रंप के फैसले का असर
अगर ट्रंप इस कानून का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें कानूनी अनुमति के बिना अमेरिका में रह रहे अप्रवासियों को पकड़ने, हिरासत में लेने और निर्वासित करने का अधिकार मिल जाएगा। यह कानून राष्ट्रपति को अप्रवासियों पर तत्काल कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिससे उन्हें अपने उद्देश्यों को जल्दी और बिना कानूनी अड़चनों के पूरा करने में मदद मिल सकती है।
भारत पर प्रभाव
ट्रंप की इस कड़ी नीति का भारत पर भी गहरा असर पड़ सकता है। अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे लगभग 18,000 भारतीय नागरिकों पर इस समय निर्वासन का खतरा मंडरा रहा है। 1.45 मिलियन अवैध अप्रवासी अमेरिकी में से अधिकांश लोग भारत, मैक्सिको और अन्य देशों से हैं। ऐसे में यह कदम भारतीय अप्रवासियों के लिए चिंताजनक हो सकता है।
कानून का ऐतिहासिक महत्व
एलियन और सेडिशन एक्ट को पहले तीन बार लागू किया गया है। 1812 के युद्ध, प्रथम विश्व युद्ध और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इस कानून का इस्तेमाल हुआ था। इन युद्धों के दौरान अमेरिकी सरकार ने विदेशी नागरिकों के खिलाफ इस कानून का इस्तेमाल किया था। हालांकि, इस कानून का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों और अप्रवासियों को दबाने के लिए भी किया गया है।
अवैध अप्रवासियों की बढ़ती संख्या
अमेरिका में अवैध अप्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नवंबर 2024 के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में लगभग 17,940 भारतीय नागरिक अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं। ट्रंप का यह कदम इन अप्रवासियों के लिए एक बड़ा संकट बन सकता है।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया
इस कदम को लेकर अमेरिकी नागरिकों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएँ आ रही हैं। ट्रंप के समर्थक इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक मान रहे हैं, जबकि विपक्षी दलों का कहना है कि यह कदम मानवाधिकारों का उल्लंघन कर सकता है। हालांकि, ट्रंप प्रशासन ने इसे लागू करने का मन बना लिया है और यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस पर और अधिक फैसले लिए जा सकते हैं।





