बीजेपी की शिंदे को मनाने की कोशिश: दिल्ली में अहम बैठक, फड़णवीस ने किया फोन पर संपर्क
नई दिल्ली/मुंबई: महाराष्ट्र में कैबिनेट विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। बुधवार को दिल्ली में हुई बीजेपी की उच्चस्तरीय बैठक में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस और एनसीपी नेता अजीत पवार शामिल हुए, लेकिन शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे बैठक में शामिल नहीं हुए। इस वजह से अटकलें लगाई जा रही हैं कि शिंदे नाराज हैं और उन्होंने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
सूत्रों के मुताबिक, देवेंद्र फड़णवीस ने शिंदे से फोन पर बात की और उन्हें मनाने की कोशिश की। इस बातचीत के दौरान फड़णवीस ने शिंदे को कैबिनेट विस्तार और मंत्रालयों के बंटवारे पर चर्चा करने के लिए राजी करने का प्रयास किया। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष चन्द्रशेखर बावनकुले को शिंदे के घर भेजा गया, जिन्होंने शिंदे से बात की।
हालांकि, शिंदे को गृह मंत्रालय नहीं मिलने के कारण उनकी नाराजगी की चर्चा हो रही थी, लेकिन बीजेपी की तरफ से उन्हें PWD (लोक निर्माण विभाग) और राजस्व मंत्रालय देने का प्रस्ताव दिया गया।
इस बीच, अजीत पवार को इस सियासी तनाव का फायदा मिलता नजर आ रहा है। पवार पहले ही शिंदे सरकार में शामिल हो चुके थे और अब बीजेपी के करीब हैं। बीजेपी का मानना है कि पवार व्यावहारिक नेता हैं, जबकि शिंदे भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। सूत्रों के अनुसार, इस समय शिंदे के गुट का कहना है कि उन्हें कम से कम 12 मंत्रालय मिलने चाहिए, जबकि बीजेपी 20-22 मंत्रालय अपने पास रखना चाहती है।
यह सियासी स्थिति बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के लिए चुनौतीपूर्ण बनी हुई है, और देखना होगा कि आगे चलकर किस पार्टी को कितनी मंत्रालयों का हिस्सा मिलता है।





