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बंगाल बंद: कोलकाता में पुलिस द्वारा ‘नबन्ना’ प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई के बाद भाजपा का विरोध

कोलकाता में ‘नबन्ना’ विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद भाजपा ने 28 अगस्त को 12 घंटे के ‘बंगाल बंद’ का आह्वान किया है। यह विरोध प्रदर्शन पश्चिम बंगाल सरकार के खिलाफ बढ़ते आक्रोश का प्रतीक बन गया है, खासकर आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु डॉक्टर के बलात्कार और हत्या के मामले के संदर्भ में।

भाजपा नेता सड़कों पर उतरकर ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं और बलात्कार-हत्या मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। वे इस मामले को लेकर राज्य सरकार की नाकामी को उजागर करने की कोशिश कर रहे हैं और आरोप लगा रहे हैं कि पुलिस ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर बर्बरता की।

विरोध प्रदर्शन के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस ने कई भाजपा नेताओं को हिरासत में लिया है। यह गिरफ्तारी प्रदर्शन की हिंसा के बढ़ते स्तर और अराजकता की ओर इशारा करती है।

27 अगस्त को आयोजित ‘नबन्ना’ अभिजन रैली का आह्वान आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के बलात्कार-हत्या मामले में न्याय की मांग के लिए किया गया था, जिसने पूरे देश में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया है। भाजपा का ‘बंगाल बंद’ इस घटनाक्रम की गंभीरता को दर्शाता है और ममता सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक संदेश देने का प्रयास है।

इस स्थिति ने राज्य की राजनीतिक माहौल को और भी उत्तेजित कर दिया है, और दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है।

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