तेल अवीव में युद्ध विराम की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प

इजरायल-हमास संघर्ष 4 सितंबर को 334वें दिन में प्रवेश कर चुका है, और हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। गाजा के राफा से हाल ही में एक वीभत्स घटना सामने आई है, जिसमें हमास ने छह इजरायली बंधकों की हत्या कर दी। इस हत्या ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव में प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ भारी हंगामा खड़ा कर दिया है।
तेल अवीव में युद्ध विराम समझौते की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने तीसरी रात भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। प्रदर्शनकारियों ने बंधकों को मुक्त करने और युद्ध विराम की मांग करते हुए इजरायली पुलिस के साथ हाथापाई की। 3 सितंबर को प्रदर्शनकारियों ने आगजनी भी की और पुलिस के साथ झड़प की। उनके प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पीएम नेतन्याहू से युद्ध विराम समझौता सुनिश्चित करने की मांग करना था।
1 सितंबर को यरुशलम और तेल अवीव में सड़कों पर कम से कम पांच लाख लोग उतर आए थे, जिन्होंने इजरायल सरकार से युद्ध विराम की मांग की। इस संघर्ष के दौरान, 7 अक्टूबर को हमास के आतंकवादियों ने इजरायली समुदायों में हमला कर 253 बंधकों को पकड़ लिया और 1,200 से अधिक इजरायली और विदेशी नागरिकों की हत्या की।
इस हिंसा के परिणामस्वरूप इजरायली हमले लगातार जारी रहे, जिससे गाजा में व्यापक तबाही मची और 40,600 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों की मौत हो गई। इस स्थिति ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और युद्ध विराम की संभावनाओं को अत्यंत अस्थिर बना दिया है।





