राजनीति

भारत: 21वीं सदी की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था और वैश्विक स्थिरता का स्तंभ

जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ Olaf Scholz ने 18वें एशिया-प्रशांत सम्मेलन में भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना की, इसे सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बताया। उन्होंने कहा कि भारत की विकास दर न केवल इसकी आंतरिक नीति और आर्थिक स्थिरता को दर्शाती है, बल्कि यह वैश्विक अर्थव्यवस्था में भी एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में उभर रहा है।

चांसलर स्कोल्ज़ ने 21वीं सदी की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा, “आज की दुनिया में प्रगति एक ऐसा प्रश्न है, जिसके लिए हमें सभी को मिलकर काम करना होगा। लेकिन एक बहुध्रुवीय विश्व में, कोई एकल वैश्विक पुलिसकर्मी नहीं है। हमें अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए, अपनी सुरक्षा और समृद्धि की रक्षा करने का प्रयास करना चाहिए।”

उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में चेतावनी दी कि यदि रूस अपने अवैध और क्रूर युद्ध में सफल होता है, तो इसका प्रभाव न केवल यूरोप, बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा और समृद्धि पर पड़ेगा। उन्होंने कहा, “इस प्रकार का परिणाम समग्र वैश्विक सुरक्षा को खतरे में डाल देगा।”

इसके अलावा, स्कोल्ज़ ने मध्य पूर्व में जारी तनाव, कोरियाई प्रायद्वीप, और दक्षिण एवं पूर्वी चीन सागर के संभावित संघर्षों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि ये क्षेत्र वैश्विक स्थिरता के लिए चुनौती बने हुए हैं। उन्होंने सभी देशों से अपील की कि वे इन संघर्षों के राजनीतिक समाधान के लिए प्रयास करें, और ऐसे समाधान खोजें जो अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों पर आधारित हों।

स्कोल्ज़ Olaf Scholz ने सम्मेलन के अंत में भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और जिम्मेदारियों को स्वीकार करते हुए कहा कि सभी देशों को मिलकर एक सुरक्षित और समृद्ध भविष्य की दिशा में काम करना चाहिए।

Related Articles

Leave a Reply

Back to top button