पुतिन ने यूक्रेन शांति वार्ता में भारत की मध्यस्थता की भूमिका को समर्थन दिया

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने 05 सितंबर को कहा कि भारत, चीन और ब्राज़ील यूक्रेन के खिलाफ संभावित शांति वार्ता में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभा सकते हैं। यह बयान पुतिन ने रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित पूर्वी आर्थिक मंच के पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए दिया। पुतिन की यह टिप्पणी उस समय आई है जब वैश्विक समुदाय यूक्रेन-रूस संघर्ष के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने की कोशिश कर रहा है।
इससे पहले, 23 अगस्त को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने भी रूस-यूक्रेन शांति वार्ता में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की थी। ज़ेलेंस्की ने भारत के नेता की मध्यस्थता की क्षमता को मान्यता दी और इसे शांति प्रक्रिया के लिए एक सकारात्मक संकेत बताया।
पुतिन का कहना है कि भारत जैसे देशों का संघर्ष के समाधान में भूमिका निभाना वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए फायदेमंद हो सकता है। उन्होंने भारत, चीन और ब्राज़ील को ऐसे देशों के रूप में पहचाना जो इस संघर्ष के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकते हैं, जिससे शांति वार्ता को एक नई दिशा मिल सकती है।
यह स्थिति भारतीय विदेश नीति के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करती है, क्योंकि भारत को वैश्विक मंच पर शांति और मध्यस्थता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। इस तरह के अंतरराष्ट्रीय समर्थन और मान्यता से भारत की कूटनीतिक स्थिति मजबूत हो सकती है और वैश्विक शांति प्रक्रिया में उसकी भूमिका को स्वीकार किया जा सकता है।





